मुस्लिम शादी कार्ड मैटर — निकाह और वलीमा दावतनामा
निकाह और वलीमा के दावतनामे में अदब और दुआ का ख़ास ख़याल रखा जाता है। यहाँ हिंदी लिपि और रोमन उर्दू दोनों में मैटर दिया गया है, ताकि आप अपने मेहमानों के हिसाब से चुन सकें। कोष्ठक [ ] की जगह अपने नाम, तारीख़ और जगह भर लीजिए।
दावतनामे की शुरुआत
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है।अल्लाह तआला के फ़ज़्ल-ओ-करम से
हमारे घर ख़ुशी का मौक़ा आया है।बुज़ुर्गों की दुआओं और अल्लाह की रहमत से
दो ख़ानदान एक रिश्ते में बंधने जा रहे हैं।Bismillahir Rahmanir Raheem
Allah ke fazl se hamare ghar khushiyon ki shuruaat ho rahi hai.Allah Ta'ala ki rehmat aur buzurgon ki duaon ke saathInsha'Allah, ek naya rishta, ek nayi zindagi.अपना डिजिटल शादी कार्ड 10 मिनट में बनाइए
मुफ़्त प्रीव्यू · हिंदी में · RSVP और मैप के साथ
निकाह का दावतनामा
आपको इत्तिला देते हुए बेहद ख़ुशी हो रही है कि हमारे साहबज़ादे [दूल्हे का नाम] का निकाह [दुल्हन का नाम] बिन्त जनाब [वालिद का नाम] के साथ [तारीख़] को बाद नमाज़-ए-[नमाज़ का वक़्त] होना तय पाया है। आप अपने अहल-ओ-अयाल के साथ तशरीफ़ लाकर दुआओं से नवाज़ें।हमारी साहबज़ादी [दुल्हन का नाम] का निकाह [दूल्हे का नाम] बिन जनाब [वालिद का नाम] के साथ [तारीख़] को इंशाअल्लाह अंजाम पाएगा। आपकी शिरकत हमारे लिए बाइस-ए-मसर्रत होगी।बारात की आमद: [तारीख़], [वक़्त]
निकाह: बाद नमाज़-ए-इशा
मक़ाम: [जगह का नाम और पता]Hamare sahabzade [Dulhe ka naam] ka nikah [Dulhan ka naam] ke saath [Tareekh] ko tay paaya hai. Aap apne ahl-o-ayaal ke saath tashreef laakar duaon se nawaazein.Hamari sahabzadi [Dulhan ka naam] ka nikah [Tareekh] ko Insha'Allah anjaam paayega. Aapki shirkat hamare liye baais-e-musarrat hogi.Baraat ki aamad: [Tareekh], [Waqt]
Nikah: Baad Namaz-e-Isha
Maqaam: [Jagah ka naam]वलीमा की दावत
निकाह के मुबारक मौक़े पर दावत-ए-वलीमा का एहतिमाम किया गया है। [तारीख़] को [वक़्त] बजे [जगह] पर तशरीफ़ लाकर हमें मेहमाननवाज़ी का मौक़ा दें।हमारे साहबज़ादे [दूल्हे का नाम] और बहू [दुल्हन का नाम] के वलीमे में आप सादर मदऊ हैं।दावत-ए-वलीमा
तारीख़: [तारीख़]
वक़्त: [वक़्त] बजे से
मक़ाम: [जगह का नाम और पता]Nikah ki khushi mein Dawat-e-Walima ka intezaam kiya gaya hai. [Tareekh] ko [Waqt] baje tashreef laayein.Aap sabhi ko Dawat-e-Walima mein shirkat ki guzarish hai. Aapki maujoodgi hamari khushi ko dugna kar degi.Walima: [Tareekh], [Waqt] baje se
Maqaam: [Jagah] — rasta dekhne ke liye map par tap karein.दुआ और ख़ैर-मक़दम की पंक्तियाँ
अल्लाह इस जोड़े को हमेशा मोहब्बत और बरकत से नवाज़े।आपकी दुआएँ इस नए रिश्ते की सबसे बड़ी दौलत होंगी।मुन्तज़िर:
[बुज़ुर्गों के नाम]
व जुमला अहल-ए-ख़ानदानAllah is jode ko hamesha sukoon, mohabbat aur barkat ata farmaye. Aameen.Muntazir:
[Buzurgon ke naam]
wa jumla ahl-e-khaandaanAapki aamad hamare liye izzat ki baat hogi. Bara-e-karam RSVP zaroor karein.मेहंदी और अन्य रस्में
रस्म-ए-मेहंदी: [तारीख़], शाम [वक़्त] बजे, दौलतख़ाने पर
तमाम ख़वातीन सादर मदऊ हैं।मांझा और उबटन की रस्म: [तारीख़], [वक़्त] बजेRasm-e-Mehndi: [Tareekh], shaam [Waqt] baje
Tamaam khawateen ko daawat hai.Rukhsati: [Tareekh], Nikah ke baadअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुस्लिम शादी कार्ड पर सबसे ऊपर क्या लिखा जाता है?+
आम तौर पर सबसे ऊपर बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम या 786 लिखा जाता है। उसके बाद दावतनामा, निकाह व वलीमा की तारीख़ और आख़िर में मुन्तज़िर के नाम आते हैं।
निकाह और वलीमा का अलग कार्ड बनाना चाहिए या एक?+
दोनों तरीक़े चलते हैं। डिजिटल कार्ड में आप निकाह, मेहंदी और वलीमा को एक ही कार्ड में अलग-अलग इवेंट की तरह जोड़ सकते हैं, हर इवेंट के साथ अपना नक्शा और वक़्त।
रोमन उर्दू वाला मैटर किसके लिए ठीक है?+
जो मेहमान उर्दू या हिंदी लिपि नहीं पढ़ते लेकिन ज़बान समझते हैं, उनके लिए रोमन उर्दू (Hinglish) सबसे आसान रहती है। NimantranKaro के कार्ड में भाषा बदलने का स्विच होता है।
कार्ड भेजने के बाद वक़्त बदल जाए तो क्या करें?+
डिजिटल कार्ड भेजने के बाद भी एडिट किया जा सकता है। मेहमानों के पास वही लिंक रहेगा और नया वक़्त अपने आप दिखने लगेगा।

