शादी कार्ड मैटर हिंदी में: 15+ तैयार सैंपल, कॉपी कीजिए और कार्ड बनाइए
24 अक्टूबर 2026 · 8 मिनट पढ़ें
शादी कार्ड का मैटर यानी कार्ड पर छपने वाला पूरा लेख: मंगलाचरण, आमंत्रित करने वाले का नाम, वर-वधू का परिचय, कार्यक्रम, और नीचे दर्शनाभिलाषी व स्वागताकांक्षी। नीचे 15 से ज़्यादा तैयार मैटर दिए गए हैं, जिनमें सिर्फ़ नाम, तारीख़ और स्थान बदलकर आप सीधे अपने कार्ड में इस्तेमाल कर सकते हैं।
शादी कार्ड मैटर का सही क्रम
उत्तर भारत में, ख़ासकर UP, बिहार, MP और राजस्थान में, शादी के कार्ड का एक तय क्रम चला आ रहा है। इस क्रम का पालन करने से कार्ड पढ़ने में आसान और सम्मानजनक लगता है।
- मंगलाचरण: सबसे ऊपर श्री गणेशाय नमः या कोई छोटा मंगल श्लोक। जैन परिवार णमोकार मंत्र, सिख परिवार ੴ या इक ओंकार लिखते हैं।
- निमंत्रक: जो परिवार न्योता दे रहा है, यानी माता-पिता या घर के बड़े, उनका नाम और निवेदन।
- वर-वधू: चि. (वर) और सौ.कां. (वधू) के नाम, साथ में उनके माता-पिता का नाम और शहर।
- कार्यक्रम: तिलक, हल्दी, मेहंदी, बारात, फेरे, प्रीतिभोज जैसे सभी कार्यक्रमों की तारीख़, समय और स्थान।
- दर्शनाभिलाषी: परिवार के वे सदस्य जो आपके आने की राह देखेंगे, जैसे चाचा-चाची, भाई-भाभी।
- स्वागताकांक्षी: वे रिश्तेदार और मित्र जो स्वागत करेंगे। कई परिवार यहाँ बाल आग्रह भी जोड़ते हैं।
डिजिटल कार्ड में भी यही क्रम रखिए। फ़र्क़ बस इतना है कि डिजिटल कार्ड में हर कार्यक्रम के साथ Google Map का लिंक और RSVP बटन भी जुड़ सकता है, जिससे मेहमानों को रास्ता ढूँढने में परेशानी नहीं होती।
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बेटी की शादी का मैटर (माता-पिता की ओर से)
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
सादर आमंत्रण
परमपिता परमेश्वर की असीम कृपा से हमारी सुपुत्री
सौ.कां. [वधू का नाम]
का शुभ विवाह
चि. [वर का नाम]
(सुपुत्र श्रीमती [वर की माता] एवं श्री [वर के पिता], [शहर])
के साथ दिनांक [तारीख़] को होना निश्चित हुआ है।
इस मंगल अवसर पर आप सपरिवार पधारकर वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान करें।
निवेदक
श्रीमती [माता का नाम] एवं श्री [पिता का नाम]आँगन की तुलसी, घर की रौनक,
हमारी लाडली अब नए घर को रोशन करने जा रही है।
हमारी सुपुत्री सौ.कां. [वधू का नाम] का शुभ विवाह
चि. [वर का नाम] के साथ
[तारीख़] को [स्थान] में सम्पन्न होगा।
आपकी उपस्थिति और आशीर्वाद ही हमारा सबसे बड़ा उपहार होगा।
विनीत
[माता-पिता का नाम] एवं समस्त परिवार॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥
कन्यादान के इस पुण्य अवसर पर
हम आपको सपरिवार सादर आमंत्रित करते हैं।
सौ.कां. [वधू का नाम]
संग
चि. [वर का नाम]
शुभ विवाह: [तारीख़], [दिन]
पाणिग्रहण संस्कार: रात्रि [समय]
स्थान: [पूरा पता]
दर्शनाभिलाषी: [परिवार के नाम]बेटे की शादी का मैटर
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
मंगलमय विवाह
ईश्वर की कृपा और बड़ों के आशीर्वाद से हमारे सुपुत्र
चि. [वर का नाम]
का शुभ विवाह
सौ.कां. [वधू का नाम]
(सुपुत्री श्रीमती [वधू की माता] एवं श्री [वधू के पिता], [शहर])
के साथ होना तय हुआ है।
बारात प्रस्थान: [तारीख़], [समय], निवास स्थान से
आप सपरिवार बारात में सम्मिलित होकर शोभा बढ़ाएँ।
निवेदक
श्रीमती [माता का नाम] एवं श्री [पिता का नाम]ढोल बजेंगे, शहनाई गूँजेगी,
हमारे घर बहू की डोली आएगी।
हमारे सुपुत्र चि. [वर का नाम] की बारात
[तारीख़] को [समय] बजे [स्थान] से प्रस्थान करेगी।
आपकी उपस्थिति से बारात की शान बढ़ेगी।
स्वागताकांक्षी
[परिवार के नाम]सादर निमंत्रण
हमारे सुपुत्र चि. [वर का नाम] एवं नववधू सौ. [वधू का नाम]
के शुभ विवाह के उपलक्ष्य में
प्रीतिभोज का आयोजन किया गया है।
दिनांक: [तारीख़]
समय: सायं [समय] से
स्थान: [पता]
कृपया पधारकर नवदंपति को आशीर्वाद दें।
निवेदक: [माता-पिता का नाम]दादा-दादी या घर के बड़ों की ओर से मैटर
कई संयुक्त परिवारों में निमंत्रण घर के सबसे बड़े सदस्य के नाम से जाता है। ऐसे में दादा-दादी को निवेदक रखा जाता है और माता-पिता का नाम वर या वधू के परिचय में आता है।
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
हमारी पौत्री
सौ.कां. [वधू का नाम]
(सुपुत्री श्रीमती [माता] एवं श्री [पिता])
का शुभ विवाह
चि. [वर का नाम]
(सुपुत्र श्रीमती [वर की माता] एवं श्री [वर के पिता], [शहर])
के साथ [तारीख़] को सम्पन्न होगा।
इस शुभ अवसर पर आपकी उपस्थिति प्रार्थनीय है।
निवेदक
श्रीमती [दादी का नाम] एवं श्री [दादा का नाम]बड़ों के आशीर्वाद से सजा यह शुभ दिन
हमारे पौत्र चि. [वर का नाम]
(सुपुत्र श्रीमती [माता] एवं श्री [पिता])
का शुभ विवाह सौ.कां. [वधू का नाम] के साथ
[तारीख़] को होना निश्चित हुआ है।
आप सपरिवार पधारकर हमें अनुगृहीत करें।
निवेदक: [दादा-दादी का नाम]
दर्शनाभिलाषी: [ताऊ-ताई, चाचा-चाची के नाम]गणेश वंदना वाला पारंपरिक मैटर
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की कृपा से
हमारे परिवार में मंगल कार्य होने जा रहा है।
चि. [वर का नाम] संग सौ.कां. [वधू का नाम]
तिलक: [तारीख़, समय]
हल्दी-मेहंदी: [तारीख़, समय]
शुभ विवाह: [तारीख़, समय]
स्थान: [पता]
निवेदक: [परिवार]मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवहु सो दशरथ अजिर बिहारी॥
प्रभु श्रीराम की कृपा से
चि. [वर का नाम] एवं सौ.कां. [वधू का नाम]
का पाणिग्रहण संस्कार [तारीख़] को होना तय हुआ है।
आप सपरिवार इष्ट-मित्रों सहित पधारें।
विनीत: [परिवार के नाम]छोटा और मॉडर्न मैटर
WhatsApp पर भेजे जाने वाले डिजिटल कार्ड में अक्सर छोटा मैटर ज़्यादा अच्छा लगता है, क्योंकि मेहमान इसे मोबाइल पर पढ़ते हैं। बाकी जानकारी कार्यक्रम, मैप और गैलरी वाले हिस्सों में रखी जा सकती है।
दो दिल, दो परिवार, एक नई शुरुआत।
[वधू का नाम] और [वर का नाम]
[तारीख़] | [शहर]
आपकी मौजूदगी इस दिन को ख़ास बना देगी।हमारी कहानी का नया अध्याय शुरू हो रहा है,
और हम चाहते हैं कि आप इसके पहले पन्ने पर हों।
[वर का नाम] संग [वधू का नाम]
शुभ विवाह: [तारीख़]
स्थान: [स्थान]सात फेरे, सात वचन, और ढेर सारी ख़ुशियाँ।
[वर] और [वधू] की शादी में आप सादर आमंत्रित हैं।
[तारीख़], [समय] | [स्थान]जैन, सिख और सभी के लिए सामान्य मैटर
अगर आप ऐसा मैटर चाहते हैं जो किसी एक पूजा-पद्धति से न बँधा हो, या आप ऊपर का मंगलाचरण अपनी परंपरा के अनुसार बदलना चाहते हैं, तो नीचे वाले सैंपल काम आएँगे। मंगलाचरण की जगह जैन परिवार णमोकार मंत्र और सिख परिवार इक ओंकार लिख सकते हैं।
सादर आमंत्रण
परिवार के बड़ों के आशीर्वाद से
[वधू का नाम] (सुपुत्री श्रीमती एवं श्री [नाम])
तथा
[वर का नाम] (सुपुत्र श्रीमती एवं श्री [नाम])
विवाह बंधन में बँधने जा रहे हैं।
दिनांक: [तारीख़]
समय: [समय]
स्थान: [पता]
आपकी शुभकामनाएँ और उपस्थिति हमारे लिए अनमोल हैं।
निवेदक: दोनों परिवार॥ णमो अरिहंताणं ॥
देव-गुरु-धर्म की कृपा से
हमारे सुपुत्र/सुपुत्री [नाम]
का शुभ विवाह [वर/वधू का नाम] के साथ
[तारीख़] को होना निश्चित हुआ है।
आप सपरिवार पधारकर मंगल आशीर्वाद प्रदान करें।
निवेदक: [परिवार]ੴ
वाहेगुरु जी की कृपा से
[वर का नाम] एवं [वधू का नाम]
का आनंद कारज
[तारीख़] को [समय] बजे [गुरुद्वारा/स्थान] में होगा।
आप सपरिवार पधारकर अपनी अरदास और आशीर्वाद दें।
निवेदक: [परिवार]मैटर लिखते समय ये बातें ध्यान रखें
- नामों की वर्तनी (spelling) दोनों परिवारों से एक बार ज़रूर पुष्टि करा लें।
- तारीख़ के साथ दिन (सोमवार, मंगलवार) भी लिखें, ताकि ग़लती की गुंजाइश न रहे।
- रात के कार्यक्रम में साफ़ लिखें कि फेरे किस रात हैं, क्योंकि आधी रात के बाद तारीख़ बदल जाती है।
- स्थान का पूरा पता दें। डिजिटल कार्ड में Google Map जोड़ दें तो मेहमानों को रास्ता आसानी से मिल जाता है।
- दर्शनाभिलाषी और स्वागताकांक्षी में किसी का नाम छूटे नहीं, इसके लिए घर के बड़ों से सूची बनवा लें।
NimantranKaro में आप ऊपर दिए किसी भी मैटर को कॉपी करके कार्ड बना सकते हैं। बाद में नाम या समय बदलना हो तो कार्ड कभी भी एडिट किया जा सकता है, और वही लिंक नई जानकारी दिखाने लगता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शादी कार्ड में सबसे ऊपर क्या लिखना चाहिए?+
हिंदू परिवारों में सबसे ऊपर श्री गणेशाय नमः या कोई मंगल श्लोक लिखा जाता है। जैन परिवार णमोकार मंत्र और सिख परिवार इक ओंकार लिखते हैं। अगर आप सामान्य कार्ड चाहते हैं तो सिर्फ़ सादर आमंत्रण भी लिख सकते हैं।
दर्शनाभिलाषी और स्वागताकांक्षी में क्या फ़र्क़ है?+
दर्शनाभिलाषी वे लोग हैं जो आपके दर्शन की इच्छा रखते हैं, आमतौर पर परिवार के क़रीबी सदस्य। स्वागताकांक्षी वे लोग हैं जो आपका स्वागत करेंगे, जैसे रिश्तेदार और मित्र। कई परिवार दोनों में अलग-अलग नाम लिखते हैं।
क्या डिजिटल कार्ड में भी यही मैटर चलेगा?+
हाँ। मैटर वही रहता है, बस डिजिटल कार्ड में हर कार्यक्रम के साथ मैप, RSVP और काउंटडाउन जैसी चीज़ें भी जुड़ जाती हैं। मोबाइल पर पढ़ने के लिए मैटर थोड़ा छोटा रखना अच्छा रहता है।
बेटी की शादी के कार्ड में निवेदक किसे लिखें?+
आमतौर पर वधू के माता-पिता निवेदक होते हैं। संयुक्त परिवार में दादा-दादी या घर के सबसे बड़े सदस्य का नाम निवेदक में और माता-पिता का नाम वधू के परिचय में लिखा जाता है।
क्या कार्ड छपने के बाद मैटर बदल सकते हैं?+
छपे हुए कार्ड में नहीं, लेकिन NimantranKaro के डिजिटल कार्ड में आप कभी भी नाम, समय या स्थान बदल सकते हैं। मेहमानों के पास वही लिंक रहता है और उसमें नई जानकारी दिखती है।

