पटना के लिए डिजिटल शादी कार्ड
पटना, बिहार
पटना की शादियों में बिहार की कई बोलियों का रंग एक साथ घुलता है — भोजपुरी, मगही और मैथिली परिवारों की अपनी-अपनी रस्में और गीत। बरच्छा और तिलक से शुरू होकर मटकोर, हल्दी, सिंदूरदान और कोहबर तक, यहाँ की शादी कई दिनों का पारिवारिक उत्सव होती है, जिसमें शारदा सिन्हा के विवाह गीत आज भी हर घर में गूँजते हैं।
मुफ़्त में कार्ड बनाएंबिहार के बहुत से परिवारों के सदस्य दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता या विदेश में रहते हैं। शादी के लिए सब पटना पहुँचते हैं — कोई ट्रेन से, कोई फ़्लाइट से — और गाँव से भी बड़े-बुज़ुर्ग आते हैं। ऐसे में हर किसी को सही समय और सही जगह बताना बहुत ज़रूरी होता है।
NimantranKaro का डिजिटल कार्ड हिंदी में बनता है और आप उसमें भोजपुरी या मगही के अपनापन भरे शब्द जोड़ सकते हैं। हर फ़ंक्शन की लोकेशन गूगल मैप पर, RSVP से आने वालों की गिनती और WhatsApp पर एक लिंक — बस इतना ही चाहिए।
पटना की रस्में और निमंत्रण
कन्या पक्ष वर के घर जाकर रिश्ता पक्का करता है और वर को शगुन देता है।
बिहार में तिलक एक बड़ा आयोजन है, जिसमें कन्या पक्ष के पुरुष वर के घर जाकर तिलक चढ़ाते हैं।
शादी से पहले महिलाएँ गीत गाते हुए मिट्टी खोदने जाती हैं, जिससे विवाह की पूजा की शुरुआत होती है।
विवाह की सबसे अहम रस्मों में से एक, जिसमें वर कन्या की माँग में सिंदूर भरता है।
विवाह के बाद नवदंपति कोहबर घर में जाते हैं, जिसकी दीवारों पर पारंपरिक चित्रकारी होती है।
पटना के अंदाज़ में निमंत्रण
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
हमनी के घर में सुभ बियाह के घड़ी आइल बा!
हमार बेटी सौ. कां. नेहा के बियाह
चि. अंकित जी के संगे तय भइल बा।
रउआ सब सपरिवार आके
बर-कनिया के असीरवाद दीं।पटना में शादी वाले प्रमुख इलाके
कार्ड में हर कार्यक्रम का पता और Google Map लगाइए — बाहर से आने वाले मेहमानों को रास्ता एक टैप में मिलेगा।
पटना में पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र जंक्शन और दानापुर जैसे कई स्टेशन हैं, और हर एक से वेन्यू की दूरी अलग पड़ती है। कार्ड में बताएँ कि मेहमानों के लिए कौन-सा स्टेशन सबसे पास है, और गूगल मैप पिन ज़रूर जोड़ें।
कार्ड में क्या-क्या मिलेगा
मेहमान एक टैप में अपनी भाषा चुनें। हिंदी नाम अपने आप लिखे जाते हैं।
कौन आ रहा है, कितने लोग — सब एक जगह, Excel में डाउनलोड।
“आदरणीय शर्मा परिवार” — कार्ड खुलते ही नाम से स्वागत।
हर कार्यक्रम का पता और एक टैप में डायरेक्शन।
शुभ घड़ी तक दिन, घंटे, मिनट — हर बार खुलने पर।
अपनी तस्वीरें और पसंदीदा धुन (पब्लिश के बाद)।
बुज़ुर्गों को छपा कार्ड दें, QR स्कैन करते ही डिजिटल कार्ड।
एक लिंक, कोई भारी PDF या वीडियो नहीं। बदलाव के बाद दोबारा भेजने की ज़रूरत नहीं।
कार्ड Google सर्च में नहीं दिखता। फ़ोटो सुरक्षित सर्वर पर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पटना के बाहर से आने वाले मेहमानों को वेन्यू आसानी से मिलेगा?+
हाँ, गूगल मैप पिन से वे किसी भी स्टेशन या एयरपोर्ट से सीधे वेन्यू तक का रास्ता देख सकते हैं।
भोजपुरी या मगही में वर्डिंग लिख सकते हैं?+
हाँ, आप वर्डिंग अपनी बोली में लिख सकते हैं। कार्ड हिंदी, हिंग्लिश और अंग्रेज़ी तीनों में बनता है।
तिलक, मटकोर और शादी — सब एक कार्ड में आएँगे?+
हाँ, आप हर फ़ंक्शन अलग से जोड़ सकते हैं और हर एक की तारीख़, समय और जगह दे सकते हैं।
बड़े-बुज़ुर्ग छपा कार्ड ही पसंद करते हैं, क्या करें?+
छपे कार्ड पर डिजिटल कार्ड का QR कोड लगा दें, ताकि घर का कोई भी सदस्य स्कैन करके लोकेशन और जानकारी देख सके।
अपना डिजिटल शादी कार्ड 10 मिनट में बनाइए
मुफ़्त प्रीव्यू · हिंदी में · RSVP और मैप के साथ

