शादी कार्ड मैटर हिंदी में — तैयार फ़ॉर्मेट और पंक्तियाँ
शादी का कार्ड पढ़कर ही मेहमान समझते हैं कि परिवार उन्हें कितने आदर से बुला रहा है। यहाँ शादी कार्ड मैटर को उसी क्रम में दिया गया है जैसे कार्ड में छपता है — मंगलाचरण, निमंत्रण, कार्यक्रम और विनीत। कोष्ठक [ ] में दी गई जगह पर अपने नाम, तारीख़ और स्थान भर लीजिए।
मंगलाचरण — कार्ड की पहली पंक्तियाँ
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
मंगल भवन अमंगल हारी, शुभ घड़ी आई हमारे द्वारे।वक्रतुण्ड गणपति की कृपा से
हमारे घर मंगल कार्य का शुभारंभ हो रहा है।॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥
विघ्नहर्ता के आशीर्वाद से दो परिवारों का मिलन।कुलदेवी और कुलदेवता की असीम कृपा से
हमारे परिवार में विवाह संस्कार सम्पन्न होने जा रहा है।बड़ों के आशीर्वाद और ईश्वर की इच्छा से
एक नया रिश्ता जुड़ने जा रहा है।शुभ विवाह
सात फेरों का बंधन, सात जन्मों का साथ।अपना डिजिटल शादी कार्ड 10 मिनट में बनाइए
मुफ़्त प्रीव्यू · हिंदी में · RSVP और मैप के साथ
वर पक्ष की ओर से निमंत्रण
सादर निवेदन है कि हमारे सुपुत्र चि. [वर का नाम] का शुभ विवाह आयु. [वधु का नाम] सुपुत्री श्रीमती [माता का नाम] एवं श्री [पिता का नाम] के साथ [तारीख़] को होना निश्चित हुआ है। इस मंगल अवसर पर आप सपरिवार पधारकर वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान करें।हमारे पौत्र एवं सुपुत्र चि. [वर का नाम] के शुभ विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में आपकी उपस्थिति हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी।परमपिता परमेश्वर की कृपा से हमारे लाडले चि. [वर का नाम] का पाणिग्रहण संस्कार [तारीख़] को सम्पन्न होगा। आप अपने परिवार सहित पधारें और शोभा बढ़ाएँ।बारात प्रस्थान: [तारीख़], सायं [समय] बजे, निवास स्थान से।
आप बारात में शामिल होकर हमारा मान बढ़ाएँ।घर में शहनाई बजने वाली है, आँगन में खुशियाँ सजने वाली हैं। हमारे पुत्र चि. [वर का नाम] के विवाह में आप सादर आमंत्रित हैं।आपके स्नेह के बिना यह खुशी अधूरी है। चि. [वर का नाम] के शुभ विवाह में पधारकर आशीर्वाद दें।वधु पक्ष की ओर से निमंत्रण
सविनय निवेदन है कि हमारी सुपुत्री आयु. [वधु का नाम] का शुभ विवाह चि. [वर का नाम] सुपुत्र श्रीमती [माता का नाम] एवं श्री [पिता का नाम] के साथ [तारीख़] को होना तय हुआ है। आप सपरिवार पधारकर कन्यादान के पुण्य अवसर के साक्षी बनें।हमारी लाडली बिटिया आयु. [वधु का नाम] के शुभ विवाह पर बारात का स्वागत [तारीख़] को सायं [समय] बजे [स्थान] पर होगा। आपकी उपस्थिति प्रार्थनीय है।बेटी की विदाई की घड़ी में अपनों का साथ सबसे बड़ा सहारा होता है। आयु. [वधु का नाम] के विवाह में आप अवश्य पधारें।जिस आँगन में बिटिया खेली, आज वहीं मंडप सजा है। आयु. [वधु का नाम] के शुभ विवाह में आप सादर आमंत्रित हैं।हमारी पौत्री एवं सुपुत्री आयु. [वधु का नाम] के पाणिग्रहण संस्कार में पधारकर नवदम्पति को आशीर्वाद प्रदान करने की कृपा करें।कन्यादान जैसे पवित्र संस्कार में आपकी उपस्थिति हमारे परिवार के लिए आशीर्वाद के समान होगी।कार्यक्रम विवरण (मांगलिक कार्यक्रम)
तिलक: [तारीख़], [समय] बजे
हल्दी एवं मेहंदी: [तारीख़], [समय] बजे
बारात प्रस्थान: [तारीख़], [समय] बजे
प्रीतिभोज: [तारीख़], [समय] बजे सेमंडप पूजन एवं हरिद्रालेपन: [तारीख़], प्रातः [समय] बजे
पाणिग्रहण संस्कार: [तारीख़], रात्रि [समय] बजेबारात आगमन एवं स्वागत: [तारीख़], सायं [समय] बजे
जयमाला: रात्रि [समय] बजे
फेरे: शुभ मुहूर्त में
विदाई: [तारीख़], प्रातःस्थान: [स्थान का नाम और पता]
रास्ता देखने के लिए कार्ड में दिए नक्शे पर टैप करें।महिला संगीत: [तारीख़], सायं [समय] बजे, निवास स्थान पर
सभी बहन-बेटियाँ सादर आमंत्रित हैं।आशीर्वाद समारोह (रिसेप्शन): [तारीख़], सायं [समय] बजे से
स्थान: [स्थान का नाम]विनीत, दर्शनाभिलाषी और स्वागतकर्ता
विनीत:
[दादा-दादी के नाम]
[माता-पिता के नाम]
एवं समस्त [उपनाम] परिवारदर्शनाभिलाषी:
[चाचा-चाची, ताऊ-ताई, मामा-मामी के नाम]
एवं समस्त कुटुम्बीजनस्वागतोत्सुक:
[भाई-बहन और मित्रों के नाम]निवेदक:
समस्त [उपनाम] परिवार, [गाँव/शहर का नाम]आपकी उपस्थिति ही हमारा उपहार है।
कृपया अपने आने की सूचना कार्ड पर RSVP से अवश्य दें।ठहरने और आने-जाने की जानकारी के लिए संपर्क करें: [नाम], [मोबाइल नंबर]अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शादी कार्ड मैटर में सबसे पहले क्या लिखा जाता है?+
हिंदू परिवारों में सबसे ऊपर श्री गणेशाय नमः या कुलदेवता का स्मरण लिखा जाता है। उसके बाद निमंत्रण का मुख्य वाक्य, फिर कार्यक्रम विवरण और अंत में विनीत व दर्शनाभिलाषी के नाम आते हैं।
वर पक्ष और वधु पक्ष के मैटर में क्या अंतर होता है?+
वर पक्ष के कार्ड में सुपुत्र का विवाह और बारात प्रस्थान का समय लिखा जाता है, जबकि वधु पक्ष के कार्ड में सुपुत्री का विवाह, बारात स्वागत, फेरे और विदाई का उल्लेख होता है।
चि. और आयु. का क्या मतलब है?+
चि. यानी चिरंजीव, जो वर के नाम से पहले लगाया जाता है। आयु. यानी आयुष्मती, जो वधु के नाम से पहले लगाया जाता है। कुछ परिवार वधु के लिए सौ.कां. (सौभाग्यकांक्षिणी) भी लिखते हैं।
क्या यह मैटर डिजिटल शादी कार्ड में इस्तेमाल हो सकता है?+
हाँ। NimantranKaro पर आप यही मैटर कॉपी करके अपने डिजिटल कार्ड में लगा सकते हैं, कार्यक्रम अलग-अलग इवेंट के रूप में जोड़ सकते हैं और मुफ़्त प्रीव्यू देख सकते हैं।
कार्ड भेजने के बाद मैटर में गलती दिखे तो?+
डिजिटल कार्ड भेजने के बाद भी कभी भी एडिट किया जा सकता है। मेहमानों के पास वही लिंक रहता है, बस उसमें नई जानकारी दिखने लगती है।

